Competitive programming in Hindi

Competitive programming in Hindi: यदि आप एक programmer हैं तो आपने Competitive प्रोग्रामिंग शब्द के बारे में सुना होगा। और यदि आप प्रोग्रामिंग में नए हैं औरCompetitive प्रोग्रामिंग के बारे में जानना चाहते हैं तो आप सही जगह पर हैं। इसलिए आज मैं आपको यह बताने वाला हु की competitive प्रोग्रामिंग आख़िर है क्या और इसे क्यों आपको सीखना चाहिए |
Competitive programming in Hindi

Competitive programming in Hindi


यहाँ मै आपको तीन चीजों के बारे में detail में बताने वाला हु | 

  • कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग क्या है
  • कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग क्यों है 
  • कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग कैसे सीखें।


कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग क्या है


लगभग आधे प्रोग्रामर सोचते हैं कि कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग एक प्रोग्रामिंग भाषा है। लेकिन वास्तव में, यह एक प्रोग्रामिंग भाषा नहीं है। कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग के अर्थ को आसानी से समझने के लिए मैं शब्द को दो भागों में तोड़ता हूं। पहला कॉम्पिटिटिव है और दूसरा प्रोग्रामिंग है।

कॉम्पिटिटिव


कॉम्पिटिटिव का मतलब होता है की किसी भी प्रोग्राम को लिखने के लिए हम कैसे data structures और algorithm का यूज़ करू ताकी मै उस प्रोग्राम को कम से कम मैमोरी को यूज़ में लू और कम कम से कम टाइम में वो प्रोग्राम रन हो जाये | 

उदाहरण के लिए, अगर मैं कहता हूं कि दो संख्याओं के जोड़ के लिए एक प्रोग्राम लिखें। तब यहाँ पर कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग कही यूज़ में नहीं आती है क्योंकि लिखने के लिए कोई नियम और शर्त नहीं है। 

लेकिन अगर मैं कहता हूं कि दो संख्याओं को जोड़ने के लिए एक प्रोग्राम लिखें। और उस प्रोग्राम को लिखने के लिए अधिकतम मेमोरी का यूज़ केवल 30 बिट्स होना चाहिए और प्रोग्राम केवल 0.001 सेकंड में रन होना चाहिए। इसलिए यहां मेरे पास मेमोरी और टाइम की कमी है जहां मेरे पास केवल 0.001 सेकंड का समय और 30 बिट्स मैमोरी ही है। इसलिए यहाँ कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग काम में आती है।

अब प्रोग्रामिंग पर आते हैं।

प्रोग्रामिंग


प्रोग्रामिंग कंप्यूटर सिस्टम के साथ बातचीत करने का एक तरीका है। क्योंकि हमारा कंप्यूटर केवल लौ लेवल भाषा जानता है। जो 0 और 1 का कॉम्बिनेशन है।

इसलिए कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग और कुछ नहीं यही है की आप कैसे algorithm को यूज़ करके अपने कोड को कम से कम मैमोरी में स्टोर करवा सकते है और कम से कम टाइम में रन करवा सकते है | 

और यदि आप आईटी क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे हैं। तब आपको पता होना चाहिए कि एक कोड कैसे लिखना है ताकि आपका कोड कम समय में चले और कम मैमोरी ले। क्योंकि इससे आपके प्रोडक्ट की  लागत कम होगी और आपके ग्राहकों का समय बचेगा जो की उसका यूज़ कर रहे है। और यह निश्चित रूप से आपके लिए फायदेमंद होगा।
इसलिए अब आपको पता चल गया होगा की कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग क्या है और इसे आपको क्यों सीखनी चाहिए | 

कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग क्यों


आज की दुनिया में, आईटी कंपनियों और प्रोडक्ट बेस्ड कंपनियों जैसे कि google, facebook, amazon, Microsoft और अन्य कंपनियों को हमेशा कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामर के पद की आवश्यकता होती है। और यदि आप आईटी की दुनिया में हैं, तो कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग आपके लिए बहुत मायने रखती है।

क्योंकि जिन चीजों को अतीत में बनाए रखना आसान था। अब वो इतनी सरल नहीं है लेकिन आज एक प्रोग्रामर के लिए बहुत सारी प्रॉब्लम हैं।

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं

अगर मैं कहूं कि Google पर  हर रोज अरबो सर्च होते है। तो यह समझने के लिए कि Google सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर का उपयोग कैसे करता है, यह सेवा बनाए रखने के लिए है। किसी देश में नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी। और Google ने अपने नए सॉफ़्टवेयर को कैसे बनाये ताकि वे उपयोग करना बहुत आसान हो जाए। जैसे गूगल में गूगल मैप, क्लासरूम, हैंगआउट, गूगल ड्राइव, यूट्यूब, गूगल मेल और एक बहुत प्रसिद्ध चीज ब्लॉगर जहा आप इस पोस्ट को पढ़ रहे है 

और आप यह सुनकर चौंक जाएंगे कि लाखों लोग हर एक दिन अपना ब्लॉग बनाने के लिए Google ब्लॉग पर साइन अप करते हैं।

तो गूगल इन चीजों को कैसे मैनेज करता है। यह सब कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग से ही संभव हैं।
इसलिए मुझे लगता है कि अब आपको पता होना चाहिए कि आपको कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग क्यों सीखनी चाहिए | 

कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग कैसे सीखे 


तो अब आप अपने दिमाग को सेट करें कि आप प्रतिस्पर्धी प्रोग्रामिंग सीखेंगे। तो यहां दिए गए चरणों का पालन करने की आवश्यकता है ...

आपको इस विषय पर एक ताजा पोस्ट की आवश्यकता है।

इसलिए कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग सीखने के लिए इस पोस्ट को पढ़े 

कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग कैसे सीखें।

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